राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सीए प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सीए विजय गर्ग ने भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिक कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी चालू वित्त वर्ष 2019-20 के क्त२ (द्वितीय तिमाही - जुलाई से सितम्बर)के आंकड़ों का विश£ेषण कर कहा है कि भाजपा के शासनकाल में जीडीपी दर 4.5 प्रतिशत पर रह गई है जो कि पिछले 26 तिमाही और 6 साल के जीडीपी की दर में सबसे कम है एवं सभी 8 कोर सेक्टरों का इण्डिस्ट्रियल ग्रोथ नेगेटिव 5.8 प्रतिशत रही है। इन सब सरकारी आंकड़ों को देखकर लगता है कि भाजपा की गलत आर्थिक नीतियों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था आईसीयू के दौर से गुजर रही है।
सीए विजय गर्ग ने बताया कि जीडीपी दर वर्ष 2011-12 के मूल्यों पर निर्धारित की गई है एवं पिछले भाजपा सरकार के शासन में जीडीपी लगातार गिरती जा रही है। एक वर्ष पहले जो जीडीपी की दर 7 प्रतिशत थी वह वर्ष 2019-20 की प्रथम तिमाही में गिरकर 5 प्रतिशत रह गई थी एवं चालू वर्ष की द्वितीय तिमाही यह 4.5 प्रतिशत रह गई है जो कि पिछले 6 वर्षों में सबसे कम दर पर है।
सीए गर्ग ने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार कृषि एवं इससे संबंधित क्षेत्रों में यह दर वर्ष 2018-19 के द्वितीय तिमाही में 4.9 प्रतिशत से गिरकर चालू वर्ष की द्वितीय तिमाही में 2.1 प्रतिशत रह गई है, इसी तरीके से उत्पादन के क्षेत्र में यह 2018-19 के द्वितीय तिमाही में 6.9 से गिरकर -1 प्रतिशत रह गई है एवं बिजली, गैस, पानी एवं अन्य क्षेत्रों की दर 8.7 प्रतिशत से गिरकर 3.6 प्रतिशत रह गई है जबकि निर्माण क्षेत्र में यह दर 8.5 प्रतिशत से गिरकर 3.3 प्रतिशत रह गई है एवं व्यापार, होटल, ट्रांसपोर्ट एवं सर्विस सेक्टर में यह दर 6.9 प्रतिशत से गिरकर 4.8 प्रतिशत रह गई है। इसी तरीके से वित्तीय एवं रियल स्टेट क्षेत्र में यह दर 7 प्रतिशत से गिरकर 5.8 प्रतिशत रह गई है और इसी दर को अगर जीवीए के दरों पर देखा जाये तो वर्ष 2018-19 के द्वितीय तिमाही में यह दर 6.9 प्रतिशत से गिरकर चालू वित्तीय वर्ष के द्वितीय तिमाही में 4.3 प्रतिशत रह गई है। इस तरीके से जीडीपी नापने के महत्वपूर्ण 8 कोर सेक्टरों में अधिकांशत: सभी में भारी गिरावट दर्ज की गई है जो कि लगता है कि भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में जो भी आर्थिक नीतियां बनाई उन परिणामों के चलते सभी क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई है।